गरीब कल्याण योजनाओं पर केंद्रित होगी भाजपा प्रदेश कार्यसमिति
: दो दिवसीय प्रांतीय बैठक में सत्ता, संगठन करेंगे योजनाओं की समीक्षा
: प्रदेश प्रभारी, प्रदेशाध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री की मौजूदगी में संगठन को सशक्त करने पर रहेगा जोर
चण्डीगढ़, 21 अप्रैल – भारतीय जनता पार्टी की करनाल में होने जा रही दो दिवसीय प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक में गरीब कल्याण योजनाओं पर केंद्रित होगी। बैठक में प्रदेश में चल रही इन योजनाओं की समीक्षा करते हुए इनके बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया जाएगा, ताकि भविष्य में भाजपा की विचारधारा को आम आदमी से जोडते हुए संगठन को सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढाया जा सके।
भुवनेश्वर में सम्पन्न हुई राष्ट्रीय कार्यसमिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखे गए लक्ष्यों पर केंद्रित होते हुए प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद और गरीब कल्याण वर्ष की छाप नजर आएगी। करनाल में 24-25 अप्रैल को होने वाली प्रांतीय कार्यसमिति में आम जीवन के हितों को लेकर शुरू की जा चुकी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर चिंतन-मनन किया जाएगा। बैठक में समाज के अंतिम छोर पर मौजूद व्यक्ति को उपयुक्त लाभ देने तथा योजनाओं के लाभ का दायरा अधिक से अधिक वर्गों तक पहुंचाने पर चिंतन होगा। देश के नागरिकों को मुख्यधारा में लाने वाली प्रधानमंत्री जनधन योजना, युवाओं को रोजगार की दिशा में आगे बढाने के लिए स्टार्टअप, स्टैंडअप योजना और इसके तहत मुद्रा योजना से हर कुशल युवा को अपना रोजगार स्थापित करने, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं के लिए उज्ज्वला योजना, किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना समेत विभिन्न उन योजनाओं को बेहतर तरीके से अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुंचाने पर चर्चा होगी।
इसकी पुष्टि करते हुए भाजपा प्रदेश मीडिया विभाग प्रमुख राजीव जैन ने बताया कि बैठक में योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करने पर चर्चा होगी। यही नहीं उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में हरियाणाा के कार्यकत्र्ताओं द्वारा झोंकी गई ताकत और उसके परिणाम पर बधाई दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने और आमजन को भाजपा की विचारधारा से जोडने के लिए उठाए जाने वाली रणनीति पर मुहर लगेगी। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी भाजपा डॉ. अनिल जैन, प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला एवं मुख्यमंत्री मनोहर लाल सत्ता एवं संगठन के मध्य समन्वय को लेकर विशेष तौर पर सत्र को संबोधित करेंगे।