विश्राम तो वे शायद जानते ही नहीं थे। आजीवन अविवाहित, किराए का मकान, साधनों की कमी, लेकिन उच्च आदर्शों के प्रति दृढ संकल्प से भरे प्रेषक व्यक्तित्व का नाम डाॅ0 मंगल सेन था। रोहतक ही नहीं बल्कि पूरे हरियाणा के साधारण से साधारण कार्यकर्ता की की भी संभाल, जन सामान्य की कठिनाइयों का सम्बन्ध, लगातार जनसंपर्क व प्रवास मे सफर करते हुए ही आराम, यात्रा में भी अध्ययन, डा0 मंगलसेन की दिनचर्या थी और यात्रा भी कहीं बस से तो कहीं किसी कार्यकर्ता के वाहन से। संघर्ष तो मानो उनका प्रिय विषय था। हिन्दी आंदोलन, गौरक्षा आन्दोलन, हरियाणा निर्माण आन्दोलन, आपातकाल विरोधी आंदोलन, राम मंदिर निर्माण आंदोलन, ही नहीं हरियाणा की विभिन्न जन समस्याओं के लिए किए गए संघर्षों में भी उन्होंने अनेक बार जेल यात्राएं की।